Sayphon = say + phonetic: बोलें और सही सुनाई दें।
अंग्रेज़ी जो आप पहले पाठ से बोलते हैं
बोलना पहले ही सत्र से शुरू होता है: आपके बोले गए जवाब जाँचे जाते हैं, और हर गलती पर समझाया जाता है कि ऐसा क्यों है।
पाठ कैसे चलता है
पाठ एक घंटे के लिए बना है: 20-20 मिनट के तीन हिस्से। आप 20, 40 या 60 मिनट के सत्र में पढ़ सकते हैं: छोटे सत्र जुड़ते जाते हैं, जब तक पाठ पूरा न हो जाए।
पाठ बातचीत जैसा दिखता है, पर यह खुला चैट नहीं है। बातचीत पाठ के विषय और पहले से तय शब्दों तक सीमित रहती है: शब्द, नियम और बोलने के काम तय क्रम से चलते हैं। बातचीत का रूप इसलिए है कि आप बोलें और जवाब दें, किताब न पढ़ें।
पाठ का समय चुनें
20, 40 या 60 मिनट। छोटा सत्र बेकार नहीं जाता: वह बाक़ी सत्रों के साथ जुड़ता रहता है, जब तक पाठ पूरा न हो जाए।
ज़ोर से बोलें
बोलना पहले पाठ से ही: गुरु के साथ जीवंत संवाद और बोलने के काम।
समीक्षा पाएँ
आपका बोला गया जवाब जाँचा जाता है, और हर गलती की वजह बताई जाती है - ऐसा क्यों, वैसा क्यों नहीं।
फिर लौट आएँ
रिमाइंडर आपके सुविधाजनक समय पर आता है, सत्र वहीं से आगे चलता है जहाँ आपने छोड़ा था, और शब्द बढ़ते अंतराल पर दोहराव में लौट आते हैं।
बोली के छह पैमाने
हर जवाब अपने पैमाने में गिना जाता है और प्रगति का चाप भरता जाता है। अंक आपके बोले गए जवाबों पर मिलते हैं, और गलती की समीक्षा बताती है कि ऐसा क्यों है।
कोर्स के अभ्यास
एक पाठ छह तरह के अभ्यासों से बनता है - जीवंत संवाद से लेकर तय समय पर शब्दों के दोहराव तक।
जीवंत संवाद
गुरु के साथ बातचीत: आप आवाज़ से जवाब देते हैं और संवाद आगे बढ़ता जाता है।
बोलने के काम
बोलने का काम: हालात के हिसाब से जो कहना है, वह ज़ोर से कहिए।
सुनकर समझने वाली कहानियाँ
छोटी कहानियाँ, जिन्हें सुनकर समझना होता है।
वाक्य बनाने का ट्रेनर
वाक्य हिस्सों से जुड़ता है: शब्दों का क्रम अभ्यास से बैठ जाता है।
श्रुतलेख और अंक
जो सुनाई दिया, उसे लिखना। अंकों के लिए अलग ब्लॉक है।
बढ़ते अंतराल पर शब्दों का दोहराव
शब्द याद है - कम पूछेंगे। गलती हुई - कल फिर लौटेगा।
C2 तक का रास्ता
पहले साल के 365 पाठ A1 से B1 तक ले जाते हैं। दूसरे साल का नक़्शा अभी से स्तरों के मेन्यू में दिखता है।
पहला साल
365 पाठ
पाठ 365 पर आख़िरी चेकपॉइंट - B1 Preliminary (Cambridge) के प्रारूप में।
दूसरा साल
C2 तक का नक़्शा
दूसरे साल के चेकपॉइंट - B2 First (FCE), C1 Advanced (CAE) और C2 Proficiency (CPE) के प्रारूपों में।
पढ़ाई किस पर टिकी है
कार्यक्रम शून्य से गढ़ा नहीं गया - यह अंग्रेज़ी पढ़ाने के मान्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बना है।
CEFR के स्तर
A1 → C2 का रास्ता भाषा-दक्षता के यूरोपीय पैमाने CEFR पर चलता है: कोर्स का हर हिस्सा इस पैमाने के एक स्तर का आधा है, कोई गढ़ी हुई «सीढ़ी» नहीं।
Cambridge की परीक्षाएँ
चेकपॉइंट Cambridge की परीक्षाओं के प्रारूप दोहराते हैं: पहले साल के अंत में B1 Preliminary, आगे B2 First (FCE), C1 Advanced (CAE) और C2 Proficiency (CPE)। चेकपॉइंट के काम आधिकारिक नमूना पेपरों से मिलाकर देखे जाते हैं।
शब्दावली का मूल
हर स्तर के शब्द English Vocabulary Profile, Oxford 5000 और Pearson GSE पैमाने के हिसाब से चुने जाते हैं - आप ठीक वही शब्दावली सीखते हैं जिसे अंतरराष्ट्रीय मानक आपके स्तर की मानते हैं।
कोर्स आपसे आपकी भाषा में बात करता है
इंटरफ़ेस 16 भाषाओं में है, और पाठ का कंटेंट सीखने वाले की मातृभाषा में चलता है।
पाठ का कंटेंट मातृभाषा में
व्याख्या, संकेत, शब्दों के अनुवाद और काम सीखने वाले की मातृभाषा में आते हैं - सभी 16 भाषाओं में: स्पेनिश, पुर्तगाली, फ़्रेंच, जर्मन, इतालवी, वियतनामी, चीनी, जापानी, कोरियाई, हिंदी, अरबी, तुर्की, इंडोनेशियाई, आर्मेनियाई, रूसी और अंग्रेज़ी।
16 भाषाओं में इंटरफ़ेस
मेन्यू, बटन और सेटिंग्स 16 भाषाओं में अनूदित हैं। भाषा हेडर में बदली जाती है।
सवाल और जवाब
क्या यह बॉट से चैट है?
नहीं। हर पाठ पहले से तैयार होता है: विषय, शब्दों का सेट, नियम और काम। गुरु पाठ की तय रूपरेखा से चलता है और उससे बाहर नहीं जाता। जवाब अपने आप आँके जाते हैं: वाक्-पहचान और भाषा मॉडल; कोई इंसानी शिक्षक नहीं है।
एक पाठ में कितना समय लगता है?
पाठ एक घंटे के लिए बना है: 20-20 मिनट के तीन हिस्से। आप 20, 40 या 60 मिनट के सत्र में पढ़ सकते हैं: छोटे सत्र जुड़ते जाते हैं, जब तक पाठ पूरा न हो जाए।
किस स्तर से शुरू करें और कहाँ तक पहुँचें?
पहले साल के 365 पाठ A1 से B1 तक ले जाते हैं: स्तर A1.1, A1.2, A2.1, A2.2, B1.1 और B1.2, और पाठ 365 पर आख़िरी चेकपॉइंट - B1 Preliminary (Cambridge) के प्रारूप में। C2 तक दूसरे साल का नक़्शा अभी से स्तरों के मेन्यू में दिखता है, वहाँ के चेकपॉइंट - B2 First (FCE), C1 Advanced (CAE) और C2 Proficiency (CPE) के प्रारूपों में।
क्या शुरू से ही ज़ोर से बोलना ज़रूरी है?
हाँ, बोलना पहले पाठ से ज़रूरी है: गुरु के साथ जीवंत संवाद और बोलने के काम। आपके बोले गए जवाब जाँचे जाते हैं, और हर गलती पर समझाया जाता है कि ऐसा क्यों है। नतीजा बोली के छह पैमानों में जुड़ता है: उच्चारण, प्रवाह, व्याकरण, शब्दावली, साफ़ बोली और सुनकर समझना।
व्याख्याएँ किस भाषा में होती हैं?
सीखने वाले की मातृभाषा में। इंटरफ़ेस और पाठ का कंटेंट दोनों - व्याख्या, संकेत, शब्दों के अनुवाद, काम - 16 भाषाओं में चलते हैं, स्पेनिश और चीनी से लेकर अरबी और हिंदी तक। भाषा हेडर में एक क्लिक से बदल जाती है।
बीच में रुक जाएँ तो क्या होगा?
सत्र वहीं से आगे चलता है जहाँ आपने छोड़ा था, और रिमाइंडर आपके सुविधाजनक समय पर आता है। शब्द भी नहीं खोते: वे बढ़ते अंतराल पर दोहराव में लौटते हैं - शब्द याद है तो कम पूछेंगे, गलती हुई तो कल फिर लौटेगा।